नर्मदा जयंती 2026: घर बैठे करें माँ नर्मदा का डिजिटल दीप दान
इस पावन पर्व पर माँ नर्मदा को प्रदूषण से बचाएं। प्लास्टिक और रसायनों की जगह डिजिटल माध्यम से अपनी श्रद्धा अर्पित करें।
माँ नर्मदा
|| त्वदीय पाद पंकजं नमामि देवी नर्मदे ||
अर्पित दीये: 0
क्यों जरूरी है डिजिटल दीप दान?
नर्मदा नदी मध्य प्रदेश और गुजरात की जीवनरेखा है। दीप दान की परंपरा पवित्र है, लेकिन आज के डिस्पोजल दीये और तेल के अवशेष जलीय जीवों के लिए घातक बन रहे हैं। vhoriginal.com का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से हमारी आस्था को प्रकृति के अनुकूल बनाना है।
नर्मदा जयंती 2026 मुहूर्त: 25 जनवरी को दोपहर से शाम तक दीप दान का विशेष महत्व है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या यह असली दीप दान के बराबर है?
आस्था मन से होती है। नदी को गंदा न करना भी माँ नर्मदा की सबसे बड़ी सेवा है।
यह टूल कैसे काम करता है?
बस दीयों की संख्या चुनें और माँ का नाम लेकर बटन दबाएं, दीये अपने आप लहरों पर तैरने लगेंगे।
