Jai Mahakal! 🙏 अगर आप उज्जैन नहीं जा पा रहे हैं, तो निराश न हों। बाबा महाकाल तो कण-कण में हैं।
हजारों भक्त गूगल पर बोलकर सर्च करते हैं—"उज्जैन महाकाल की लाइव आरती दिखाइए" या "महाकाल दर्शन टुडे"। आपकी पुकार सुन ली गई है! नीचे दिए गए TV Box में आप अभी इसी वक्त उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर के साक्षात् दर्शन कर सकते हैं।
(👆 वीडियो पर क्लिक करें और घर बैठे दर्शन करें)
- महाकाल की भस्म आरती का समय (Time Table)
- उज्जैन के राजा "महाकाल" ही क्यों हैं?
- घर बैठे अर्जी कैसे लगाएं?
- महाकाल लोक (Corridor) की विशेषताएं
1. Mahakal Aarti Timing 2026 (आरती का समय)
अगर आप जानना चाहते हैं कि "महाकाल की आरती कब होती है", तो यहाँ पूरा टाइम टेबल दिया गया है। सही समय पर लाइव वीडियो चलाकर आप उस विशेष आरती का हिस्सा बन सकते हैं।
| आरती का नाम | समय (Time) |
|---|---|
| भस्म आरती (Bhasma Aarti) सबसे प्रमुख आरती |
सुबह 04:00 AM से 06:00 AM |
| दद्योदक आरती | सुबह 07:00 AM से 07:45 AM |
| भोग आरती | सुबह 10:00 AM से 10:45 AM |
| संध्या आरती (Evening) | शाम 06:30 PM (सर्दियों में) शाम 07:00 PM (गर्मियों में) |
| शयन आरती | रात 10:30 PM |
नोट: महाशिवरात्रि और सावन के महीने में आरती के समय में थोड़ा बदलाव हो सकता है।
2. उज्जैन के राजा सिर्फ "महाकाल" क्यों हैं?
क्या आपको पता है कि उज्जैन में कोई भी राजा या मुख्यमंत्री रात नहीं बिता सकता?
जी हाँ, यह सच है! पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, उज्जैन के असली राजा बाबा महाकाल हैं। (King of Ujjain). एक राज्य में दो राजा नहीं रह सकते।
इतिहास गवाह है कि जिसने भी राजा बनकर उज्जैन में रात बिताने की कोशिश की, उसकी सत्ता चली गई या उसके साथ अनिष्ट हुआ। इसीलिए आज भी बड़े-बड़े मंत्री और मुख्यमंत्री रात होने से पहले उज्जैन की सीमा से बाहर चले जाते हैं। यह महिमा है हमारे Kaal ke Mahakaal की।
3. दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग का रहस्य (Dakshinamukhi)
भारत में 12 ज्योतिर्लिंग हैं, लेकिन उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर सबसे अलग है।
- यह दुनिया का एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग (South Facing) है।
- दक्षिण दिशा "यमराज" (मृत्यु के देवता) की दिशा मानी जाती है।
- इसीलिए कहा जाता है—"अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चांडाल का, काल भी उसका क्या बिगाड़े जो भक्त हो महाकाल का।"
जो भक्त महाकाल के दर्शन कर लेता है, उसका अकाल मृत्यु का भय हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।
4. भस्म आरती: चिता की राख का सच
लोग अक्सर सर्च करते हैं कि "क्या आज भी मुर्दे की राख से भस्म आरती होती है?"
प्राचीन काल में शमशान से लाई गई ताजी चिता भस्म से भगवान का श्रृंगार होता था। लेकिन अब समय बदल गया है। वर्तमान में, कपिला गाय के गोबर से बने कंडे (उपले), शमी, पीपल, पलाश, बड़, अमलतास और बेर की लकड़ियों को जलाकर शुद्ध भस्म तैयार की जाती है।
हालाँकि, आज भी यह आरती देखना अपने आप में एक रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव है। भगवान शिव को भस्म रमाने का अर्थ है—"यह शरीर नश्वर है, अंत में सब राख हो जाएगा, सत्य सिर्फ आत्मा (शिव) है।"
5. श्री महाकाल लोक (Mahakal Lok Corridor)
अगर आप 2026 में उज्जैन जाने का प्लान बना रहे हैं, तो "Mahakal Lok" देखना न भूलें।
- यह 900 मीटर लंबा कॉरिडोर है।
- यहाँ भगवान शिव की 190 से ज्यादा विशाल मूर्तियां हैं।
- रात के समय यहाँ की लाइटिंग देखकर ऐसा लगता है मानो आप स्वर्ग (कैलाश) में आ गए हों।
- सप्तऋषि मंडल और त्रिपुरासुर वध की मूर्तियां सबसे खास हैं।
6. घर बैठे महाकाल को प्रसन्न कैसे करें?
कई बार हमारे पास पैसे या समय नहीं होता उज्जैन जाने का। तो क्या हमारी पूजा स्वीकार नहीं होगी? बिल्कुल होगी!
भोलेनाथ तो भाव के भूखे हैं। अगर आप ऊपर दिए गए Live Video को देखते हुए, एक लोटा जल अपने घर के शिवलिंग पर चढ़ा दें और "ॐ नमः शिवाय" का जाप करें, तो आपको वही फल मिलेगा जो उज्जैन जाने पर मिलता है।
उज्जैन कैसे पहुँचें? (How to reach Ujjain)
Train: उज्जैन जंक्शन (Ujjain Junction) देश के सभी बड़े शहरों से जुड़ा है।
Flight: सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट इंदौर (Indore Airport) है, जो यहाँ से मात्र 55 किमी दूर है।
Bus: मध्य प्रदेश के हर शहर से उज्जैन के लिए बस सेवा उपलब्ध है।
अगर आपको यह Live Darshan देखकर शांति मिली हो, तो कमेंट में "Har Har Mahadev" जरूर लिखें और इस लिंक को अपने परिवार के व्हाट्सप्प ग्रुप में शेयर करें।
