मकर संक्रांति 2026: सूर्य का राशि परिवर्तन, जानें किन राशियों की चमकेगी किस्मत
14 जनवरी 2026 को सूर्य देव अपने पुत्र शनि की राशि 'मकर' (Capricorn) में प्रवेश कर रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में इसे एक बड़ी खगोलीय घटना माना जाता है। सूर्य का यह गोचर सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लाएगा।
किसी को धन लाभ होगा, तो किसी को सेहत का ध्यान रखना होगा। आइए जानते हैं, आपकी राशि के लिए यह संक्रांति कैसी रहेगी।
12 राशियों का हाल (Makar Sankranti Horoscope 2026)
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आपके दशम भाव में सूर्य का आना करियर में जबरदस्त उछाल लाएगा। नौकरी में प्रमोशन और नई जिम्मेदारियां मिलने के प्रबल योग हैं।
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक यात्रा हो सकती है। उच्च शिक्षा के लिए प्रयास कर रहे छात्रों के लिए समय अनुकूल है।
सेहत का थोड़ा ध्यान रखें, खासकर पेट से जुड़ी समस्याएं। पुरानी रुकी हुई संपत्ति या पैसा अचानक मिल सकता है।
व्यापार में साझेदारी से लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ संबंधों में सुधार आएगा। कोई नया बिजनेस डील फाइनल हो सकती है।
सूर्य आपकी ही राशि के स्वामी हैं। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलेगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा।
संतान पक्ष से खुशखबरी मिलेगी। लव लाइफ में थोड़ी अनबन हो सकती है, वाणी पर संयम रखें। शेयर मार्केट में सोच-समझकर निवेश करें।
सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। नया वाहन या घर खरीदने का योग बन रहा है। माता जी की सेहत में सुधार देखने को मिलेगा।
साहस और पराक्रम बढ़ेगा। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा। छोटी यात्राएं लाभकारी रहेंगी और सरकारी काम बनेंगे।
धन लाभ के प्रबल योग हैं। फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है। परिवार में खुशहाली रहेगी और वाणी में मिठास आएगी।
सूर्य आपकी ही राशि में आ रहे हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। पुराने रोग दूर होंगे, लेकिन अहंकार से बचना होगा।
खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। आंखों का ध्यान रखें और नींद पूरी लें।
आय के नए स्रोत बनेंगे। बड़े भाई या मित्रों का सहयोग मिलेगा। यह समय निवेश के लिए बेहतरीन है, लाभ निश्चित है।
सूर्य को प्रसन्न करने के महाउपाय
अगर आपकी कुंडली में सूर्य कमजोर है, तो मकर संक्रांति के दिन ये 3 काम जरूर करें:
- अर्घ्य दें: तांबे के लोटे में जल, रोली, लाल फूल और थोड़े अक्षत मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें।
- मंत्र जाप: सुबह स्नान के बाद 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' या 'गायत्री मंत्र' का 108 बार जाप करें।
- बड़ों का सम्मान: सूर्य 'पिता' का कारक है। अपने पिता या पिता समान बुजुर्गों का आशीर्वाद लें।
