नर्मदा जी के भजन लिखे हुए | माँ नर्मदा के प्रसिद्ध भजन


Narmada ji ke bhajan likhe hue
माँ नर्मदा

नर्मदा जी के भजन लिखे हुए – भजन पढ़ने और सुनने के फायदे

नर्मदा जी के भजन लिखे हुए पढ़ना और सुनना भारतीय भक्ति परंपरा में एक सरल लेकिन प्रभावशाली साधना मानी जाती है। माँ नर्मदा को जीवनदायिनी और पवित्र माना गया है, इसलिए नर्मदा माता के भजन लिखित में पढ़ने से मन में श्रद्धा और शांति का भाव उत्पन्न होता है।

जब कोई व्यक्ति नर्मदा जी के भजन लिरिक्स ध्यान से पढ़ता है, तो शब्द सीधे मन पर असर करते हैं। यह भजन मानसिक तनाव, चिंता और नकारात्मक विचारों को धीरे-धीरे कम करने में मदद करते हैं। वहीं, Narmada ji ke bhajan सुनने से मन एकाग्र होता है और पूजा या ध्यान के समय भक्ति का भाव गहरा हो जाता है।

बहुत से लोग सुबह या शाम नर्मदा जी के भजन शब्दों में पढ़ना पसंद करते हैं, क्योंकि इससे दिन की शुरुआत और समाप्ति सकारात्मक ऊर्जा के साथ होती है। पूजा, परिक्रमा या व्यक्तिगत प्रार्थना में माँ नर्मदा के भजन आत्मिक शांति प्रदान करते हैं।

आज की व्यस्त जीवनशैली में भजन पढ़ना और सुनना मन को स्थिर रखने का एक आसान उपाय है। माँ नर्मदा की भक्ति, Narmada River के पवित्र प्रवाह की तरह, जीवन में धैर्य और संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देती है।


नर्मदा मैया कर दो बेड़ा पार (भजन 1)

नर्मदा मैया कर दो बेड़ा पार,
आते तुम्हरे द्वार,
ओ रेवा माई कर दो बेड़ा पार,
नर्मदा मैया कर दो बेड़ा पार।

अमरकण्ठ है उद्गम तेरा,
हर कण कण में शिव का बसेरा,
बहती हो माँ पावन धार,
नर्मदा मैया कर दो बेड़ा पार।

ग्वारी घाट से कल कल बहती,
नर्मदे हर हर दुनिया कहती,
शीश झुकाऊं बारम्बार,
नर्मदा मैया कर दो बेड़ा पार।

नाम तुम्हारा ले जग सारा,
निर्धन जन को तेरा सहारा,
‘ईशान’ का माँ कर दो उद्धार,
नर्मदा मैया कर दो बेड़ा पार।


थारो निर्मल निर्मल पानी (भजन 2)

थारो निर्मल निर्मल पानी,
नर्मदा महारानी महारानी,
महारानी ने कल्याणी।

माई थारा नीर मां ब्रम्हा जी नहाया,
ब्रम्हा जी नहाया मैया डुबकी लगाया,
थारी पूजा करे हो ब्रम्हाणी।

माई थारा नीर मां विष्णु जी नहाया,
विष्णु जी नहाया मैया डुबकी लगाया,
थारी सेवा करे हो लक्ष्मी रानी।

अमरकण्ठ से आई नर्मदा,
घाट न घाट पुजाई नर्मदा,
तू तो सागर जाई न समानी,
नर्मदा महारानी महारानी।


गहरी नर्मदा ने गेहरो पानी (भजन 3)

गहरी नर्मदा ने गेहरो पानी,
देखी न जीव घबराये हो,
मैय्या पार लगाऊजो।

काम क्रोध कांच मच बसत है,
लोभ को मगर देखाय हो,
मैय्या पार लगाऊजो।

सत की नाव केवटीया सतगुरु,
सुमिरण नाम आधार हो,
मैय्या पार लगाऊजो।

धर्मी धर्मी पार उतरिया,
पापी डूबियाँ मजधार हो,
मैय्या पार लगाऊजो।


नरबदे मैया तेरी हो रही जयकार (भजन 4)

नरबदे मैया तेरी हो रही जयकार,
तेरे घाट पे आंबे मैया झुकता है संसार।

अमर कंठ से निकली हो मैया तेरा निर्मल पानी,
घाट घाट में हो रही पूजा मेरी मैया है वरदानी।

घाट सजा तेरा सुंदर मैया भगतो के मन भाया,
जिसने सच्ची लगन लगाई उसने सब कुछ पाया।

माझी करता बदियाँ तू से लेहरतोही बल्खानी,
फूल अमावस आते मैया घाट तेरे नर नारी।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

नर्मदा जी के भजन पढ़ने के क्या फायदे हैं?

नर्मदा जी के भजन पढ़ने से मन में शांति, ध्यान और एकाग्रता आती है। यह मानसिक तनाव को कम करता है और पूजा या पूजा के समय भक्ति का भाव गहरा करता है।

क्या नर्मदा जी के भजन PDF में भी उपलब्ध हैं?

हाँ, आप नर्मदा जी की आरती PDF जैसे PDF संसाधन का उपयोग कर सकते हैं जो भजन और आरती को प्रिंट/डाउनलोड करने की सुविधा देते हैं।

नर्मदा भजन के अलावा भक्ति सामग्री कहाँ मिलेगी?

आप नर्मदा अष्टक, नर्मदा जी की कहानी, और नर्मदा परिक्रमा का महत्त्व जैसे पेजों पर और भी भक्ति एवं जानकारी पा सकते हैं।

नर्मदा जयंती के अवसर पर क्या विशेष होता है?

नर्मदा जयंती के अवसर पर विशेष पूजा, दीपदान और धार्मिक आयोजन होते हैं। इसके बारे में आप नर्मदा जयंती डिजिटल दीपदान टूल पेज पर विस्तार से पढ़ सकते हैं।

✍️ Author: VH Original
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Vivek Hardaha

Vivek Hardaha

M.Sc. CS • M.A. Sociology • PGD Rural Dev.
Web Creator since 2014